फिर कभी मिले, या ना मिले राहों पर ये मौका ये पल हमें नहीं खोना चाहिए फिर कभी मिले, या ना मिले राहों पर ये मौका ये पल हमें नहीं खोना चाहिए
खुश थी कि मिली सुपरमैन से, भले ही वो एक सपना था। खुश थी कि मिली सुपरमैन से, भले ही वो एक सपना था।
जो गर्व था कभी मातृभाषा का, लोगों में ऐसा अभिमान कहाँ ? जो गर्व था कभी मातृभाषा का, लोगों में ऐसा अभिमान कहाँ ?
अजब तमाशा प्रभु तेरा संसार, डोर तेरे हाथ, मैं ठुमकना भूल गया। अजब तमाशा प्रभु तेरा संसार, डोर तेरे हाथ, मैं ठुमकना भूल गया।
जिसकी बदौलत हाथ फफोले उनका जीवन धन्य बनाते हैं। जिसकी बदौलत हाथ फफोले उनका जीवन धन्य बनाते हैं।
इश्क़ में महबूब से सुंदर कुछ भी नहीं होता है आशिक़ के नज़र में। ............ इश्क़ में महबूब से सुंदर कुछ भी नहीं होता है आशिक़ के नज़र में। ............